मैत्रिणीस पी.डी.एफ़ छापा ई-मेल
लेख़क सौ. शुभांगी सु. रानडे   

अगं मैत्रिणी गं ऽ ऽ ऽ
रोज तव याद येई मजला - - -

शाळेमध्ये मिळून गेलो
उडवुनी वेण्या बागडलो
हसलो रुसलो आणि भांडलो
आठवते का हे तुजला
अगं मैत्रिणी गं ऽ ऽ ऽ
रोज तव याद येई मजला - - - १

शाळा कॉलेज सरूनी जाता
संसारी मग मन हे रमता
सुखदुःखाच्या क्षणी तत्वता
स्मरते नियमित मी तुजला
अगं मैत्रिणी गं ऽ ऽ ऽ
रोज तव याद येई मजला - - - २

स्वप्नी आपण सखे येऊनी
पुन्हा एकदा सान होऊनी
गतकालाते पाहू वाकुनी
आवडेल ना हे तुजला
अगं मैत्रिणी गं ऽ ऽ ऽ
रोज तव याद येई मजला - - - ३



डाऊनलोड करा.
 
< मागील   पुढील >

  • Narrow screen resolution
  • Wide screen resolution
  • Auto width resolution
  • Increase font size
  • Decrease font size
  • Default font size
  • default color
  • blue color
  • green color